चतरा, जून 28 -- कुन्दा प्रतिनिधि सरकार भले ही चमचमाती सड़कों और विकास के बड़े-बड़े दावे करती हों, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय उदासीनता का एक जीता-जागता उदाहरण कुन्दा से नवादा सड़क है, जो पिछले तीन सालों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। ठेकेदार और अधिकारियों की जुगलबंदी के कारण इस मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य पिछले 3 वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के दिनों में यह सड़क तालाब का रूप ले लेती है, तो वहीं सूखे गर्मी के मौसम में उड़ने वाली धूल ने लोगों का दम घोंट रखा है। इस मार्ग से गुजरने वाले बाइक सवार और राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्...