घाटशिला, अप्रैल 9 -- घाटशिला, संवाददाता। झारखंड सरकार द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने की घोषणा घाटशिला प्रखंड के जोड़सा पंचायत स्थित धोबोडांगा सबर बस्ती में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। हालत यह है कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी इस बस्ती के लोगों को एक साधारण सड़क तक नसीब नहीं हो पाई है। यहां के लोग आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। वे टापू जैसी स्थिति में बनी बस्ती में रहते हैं, जहां से मुख्य सड़क तक जाने के लिए कोई पक्की या कच्ची सड़क नहीं है। उन्हें खेतों के बीच बने संकरे पगडंडी रास्तों से होकर आना-जाना पड़ता है। दिन हो या रात, सांप-बिच्छू और अन्य कीड़ों के बीच से गुजरना उनकी मजबूरी है।बरसात के दिनों में उनकी परेशानी और बढ़ जाती है, जब चारों ओर पानी भर जाता है। दिन में तो किसी तरह आवाजाही संभव हो पाती है, लेकिन ...