नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी के एक उम्मीदवार के दाखिले को सही ठहराया। यह सीट तब खाली हुई थी, जब पता चला कि मूल रूप से चुने गए उम्मीदवार ने जाली मार्कशीट का इस्तेमाल करके दाखिला लिया था। कोर्ट ने कहा कि जब ऐसी परिस्थितियों में कोई सीट खाली होती है तो अधिकारियों का यह फर्ज है कि वे उसे मेरिट लिस्ट में अगले योग्य उम्मीदवार को दें। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने नेशनल मेडिकल काउंसिल की अपील खारिज कर दी। अपील में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के पं. जवाहर लाल नेहरू सरकारी मेडिकल कॉलेज में खाली सीट को पहले नंबर के प्रतिवादी को वापस देने का आदेश दिया गया। इस प्रतिवादी को मेरिट लिस्ट में अगला उम्मीदवार होने के बावजूद, दाखिले का फायदा नहीं मिला था, क्योंक...
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