भभुआ, अप्रैल 1 -- जंगली नेवला, गिलहरी, खरगोश, लोमड़ी, बिल्ली, चूहा, खेखड़ी जैसे छोटे-छोटे जानवर आ सकते हैं आग की चपेट में गुड़सिकरी, गुलमार, धवई, पुटुस, गेठी, खनेया जैसी जड़ी-बूटी को नुकसान वन विभाग की टीम की निगरानी से अब कम हो रही आग लगने की घटना (पेज तीन) अधौरा, एक संवाददाता। गर्मी शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की घटना शुरू हो गई है। अधौरा के धेनुआ स्थित कारी पहाड़ी जंगल में बुधवार को आग लग गई। पहाड़ी पर लगी आग की लपट धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ रही थी। हालांकि बुधवार को बादल रहने और हवा कम चलने की वजह से आग की लपट बढ़ने की गति ज्यादा तेज नहीं हुई। फिर भी गुड़सिकरी, गुलमार, धवई, पुटुस, गेठी, खनेया जैसी जड़ी-बूटी और हर्रा, बहेरा, जॉगी, गम्हार, सीध, पापड़, सलई, भेला, लासा, चिलबिल आदि के पेड़-पौधे झुलस गए। यह जंगल प्रखंड मुख्यालय अधौरा से लगभग चार किम...