गोरखपुर, जून 2 -- चौरीचौरा, हिन्दुस्तान संवाद। चौरीचौरा तहसील के तमाम किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि का निस्तारण नहीं होने से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने सिलिंग की भूमि को चिह्नित किया, लेकिन उसका निस्तारण नहीं हुआ। उनका कहना है कि अपनी जमा पूंजी लगाकर मजीठिया परिवार से सीलिंग की भूमि को खरीद लिया है। उन्हें नहीं पता था कि 40 वर्ष पहले से खेती करने वालों की भूमि सीलिंग में दर्ज हो जाएगी। अब उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी में डाल दिया गया है। जनवरी, 2023 में जिला प्रशासन के निर्देश पर सीलिंग से प्रभावित गांवों की सूचना का प्रकाशन कराया गया था। इसके बाद हड़कंप मच गया। सीलिंग की भूमि को वर्षो पूर्व खरीद कर जोतने बोने वाले किसान खासे परेशान हो गए। कारण कि चौरीचौरा में ज्यादातर सीलिंग की भूमि एलपीके ट्रस्ट व मजीठि...