अलीगढ़, मई 4 -- (विश्व अस्थमा दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। बदलती जीवनशैली और बढ़ते प्रदूषण का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिस अस्थमा को कभी बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, वही अब मासूमों को अपनी चपेट में ले रहा है। बीते वर्ष जिले में लगभग दो हजार बच्चों में अस्थमा के लक्षण पाए गए, जिनमें सांस लेने में तकलीफ, खांसी और सीने में जकड़न प्रमुख रही। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे शहरी क्षेत्रों के हैं, जहां वायु प्रदूषण को मुख्य वजह माना जा रहा है। यह भी पढ़ें- जिला अस्पताल में चेस्ट रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीज परेशान विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, धूल के कण, निर्माण कार्य और औद्योगिक प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों को तेजी से नुकसान पहुंचा रहे हैं। बच्चों की रोग प...