सहरसा, मार्च 6 -- महिषी। प्रखंड सहित आसपास के गांवों में होली का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय होली में पहले दिन ग्रामीणों ने धूड़खेल का जमकर आनंद लिया। इस दौरान लोग एक-दूसरे को मिट्टी और कीचड़ लगाकर शुभकामनाएं देते नजर आए, वहीं राहगीरों को भी धूल- कीचड़ से रंगा गया। दूसरे दिन रंग- गुलाल लगाकर लोगों ने होली की खुशियां साझा कीं। स्थानीय कीर्तन मंडली के ढोल, मृदंग और झाल की धुन पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग गांव-गांव घूमकर पारंपरिक होली गीत गाते और नाचते रहे। छोटे बच्चों ने बड़ों के चरणों में धूल देकर आशीर्वाद लिया और हमउम्रों ने गले मिलकर बधाई दी। महिषी की प्रसिद्ध रेड़ा (हुड़दंग) होली ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखने सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुटी। अंत में ग्रामीणों ने मां उग्रतारा म...