रांची, दिसम्बर 1 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। ब्रह्मांड में व्याप्त परम ईश्वर का दिया गया ज्ञान 'श्रीमद्भागवत गीता' के प्राकट्य की पवित्र वर्षगांठ सोमवार को मनाई गई। मोक्षदा एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने कुरूक्षेत्र में युद्ध और धर्म क्षेत्र के बीच अर्जुन को गीता का उपेदश दिया था। गीता मानव कल्याण के लिए परम औषधि है। गीता जयंती के मौके पर शहर के विभिन्न इलाकों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गीता जयंती पर पाठ, प्रवचन और नगर संकीर्तन का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता विश्व भर में भारत के आध्यात्मिक ज्ञान के मणि के रूप में विख्यात है। भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा अपने मित्र अर्जुन से गीता के सारयुक्त सात सौ श्लोक आत्म-साक्षात्कार के विज्ञान के मार्गदर्शक का अचूक कार्य करते ...