रांची, मार्च 15 -- झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि एचईसी के विस्थापित लोगों के लिए बने मकानों के आवंटन की प्रक्रिया पर अगले सत्र से पहले कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश का एकमात्र उदाहरण होगा, जहां विस्थापित रैयतों के सत्यापन की प्रक्रिया एक निजी परामर्श कंपनी (कोलकाता के मेसर्स सीईएस प्राइवेट लिमिटेड) से कराई गई। कंपनी ने अपने सूची में 393 रैयतों की बात कर इन्हें आवास आवंटित कराने की अनुशंसा की।सुदिव्य कुमार ने बताई जांच की वजह मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि जिस परामर्श संस्था पर कोई कानूनी जवाबदेही नहीं है, क्या उसके तथ्यों और गुणवत्ता की जांच नहीं होनी चाहिए। यह जांच इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि सर्वेक्षण सूची में 108 वैसे लोगों को जोड़ा गया है, जो वास्तविक रैयत ही नहीं है। मुड़मा मौजा में परामर्...