गोरखपुर, अगस्त 19 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में स्थापित साइबर फॉरेंसिक लैब सिर्फ छात्रों को आने वाली तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार ही नहीं कर रही है, बल्कि पुलिस की जांच में भी मददगार साबित हो रही है। लैब में लगे अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से पुलिस धुंधली तस्वीरों को स्पष्ट करने के साथ ही अस्पष्ट ऑडियो को भी बेहतर कर रही है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह सॉफ्टवेयर अपराध की जांच में डिजिटल साक्ष्यों को समझने और उनका विश्लेषण करने में अहम भूमिका निभा रहा है। हाल के दिनों में दस से अधिक केस में इसकी मदद से बदमाश की गर्दन पुलिस ने दबोचा है।

अपराध की घटनाओं में पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से... अपराध की घटनाओं में पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से कई बार ऐसी तस्वीरें मिलती हैं, जिन...