वाराणसी, फरवरी 8 -- चिरईगांव (वाराणसी)। जाल्हूपुर स्थित श्री शिव हनुमान मंदिर परिसर में रविवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा प्रारम्भ हुई। प्रथम दिन कथावाचक बाल ब्यास कृष्ण शरण ने धुंधकारी के प्रसंग के माध्यम से माता-पिता और परिजनों की सेवा तथा सदाचार के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि धुंधकारी अपने माता-पिता का द्रोही था, जिसके कारण उसे भयंकर कष्टों का सामना करना पड़ा। बाद में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से उसे मुक्ति मिली। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य ईश्वर भक्ति, माता-पिता की सेवा और सद्कर्म है। भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और जीवन को सही दिशा मिलती है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया। उक्त अवसर पर ब्रह्मदेव पाण्डेय, सोनू बरनवाल, लक्ष्मी नारायन पाण्डेय, लल...
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