धार्मिक लोगों के पास धन की कमी, गलत के पास अधिक होती संपदा
एटा, अगस्त 18 -- जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक ठंडी सड़क स्थित नेमिनाथ जिनालय में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में आचार्य नयन सागर महाराज, नागौर गौरवआर्यिका आनंदमती माताजी ने नेमिनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया। नेमिनाथ महामंडल विधान का आयोजन जन्मकल्याणक महिला मंडल ने किया। मधुर स्वर लहरियों के मध्य श्रावकों के खूब भक्ति के अर्घ्य सर्मपित किए। श्री दिगंबर जैन कन्या इंटर कालेज के विमल सागर सभागार में आचार्य नयन सागर महाराज ने बताया कि 87 हजार वर्ष पहले शौरीपुर के राजा समुद्र विजय-महारानी शिवा देवी को एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उनका नाम नेमी कुमार रखा। तीर्थंकर परंपरा में 22वें तीर्थंकर को अरिष्ट नेमि के नाम से भी जाना जाता है। जैन ग्रंथ में पूछा कि महापुरुषों का जन्म क्यों होता है। यदुवंशी नारायण श्र...
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