रिषिकेष, फरवरी 8 -- संत समिति ने नगर निगम ऋषिकेश द्वारा भंडारे और धार्मिक आयोजनों पर लगाए जा रहे शुल्क और मंदिर परिसर में हो रहे अतिक्रमण को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से धार्मिक सेवा कार्यों से शुल्क वापस लेने और सरकार से धार्मिक स्थल का स्वरूप बनाए रखने की मांग की। रविवार को गंगानगर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में संत समिति की बैठक हुई। समिति अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने मंदिर परिसर में हो रहे अतिक्रमण को लेकर कड़ा विरोध जताया। कहा कि इस संबंध में पूर्व में एसडीएम एवं नगर आयुक्त को लिखित ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि ऋषिकेश से अनेकों आश्रम-धर्मशालाओं को भू-माफिया द्वारा बेचने के साथ ही उनके धार्मिक स्वरूप को बदला जा रहा है। संत समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो व...