पटना, अप्रैल 29 -- महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज की जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को कंकड़बाग स्थित महर्षि मेंही आश्रम में स्वामी बीरेंद्र दास महाराज के सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने कहा कि संसार के सभी संतों के उपदेशों का सार एक ही है। इसी विविधता में एकता का संदेश महर्षि मेंहीं परमहंस जी के उपदेशों का मूल है। मनुष्य को धार्मिक अवश्य बनना चाहिए, लेकिन धार्मिक कट्टरता से दूर रहना चाहिए। गुरु अत्यंत कृपालु होते हैं। गुरु की कृपा से ही आध्यात्मिक उन्नति संभव है। यह आश्रम सभी को सूक्ष्म ध्यान का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता है। ध्यान योग का अभ्यास मनुष्य को वास्तविक अर्थों में धार्मिक बनाता है व उसे दुर्गुणों एवं दुराचार से दूर करता है। यह भी पढ़ें- धार्मिक अवश्य बनें पर धार्मिक कट्टरता से दूर रहें : स्वामी बीरेंद्र ...