वाराणसी, फरवरी 27 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी विश्वनाथ मंदिर में शुक्रवार को पहले से हजारों लोग पालकी के पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे थे। ढुंढिराज गणेश द्वार से शिव-पार्वती-गणेश को पालकी पर सवार होकर पहुंचते ही दर्जनों डमरुओं का निनाद और शंखनाद आरंभ हो गया। अवसर था रंगभरी एकादशी पर्व का। परंपरानुसार पूर्व महंत के टेढ़ीनीम स्थित आवास से चल प्रतिमा पालकी में विराजमान कर विश्वनाथ धाम लायी गई। गौरा और श्रीगणेश के साथ बाबा की पालकी पहुंचते ही भक्तों से खचाखच भरे धाम के हर कोने से 'हर-हर महादेव' का घोष मुखर होने लगा। जो जहां खड़ा था वहीं से पालकी की ओर लक्ष्य करके अबीर-गुलाल उड़ाने लगा। देखते ही देखते चारों तरफ से गुलाल की बौछार होने लगी। विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के प्रतिनिधियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा से खासतौर पर भेजा गया नील गुलाल...
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