कौशाम्बी, जुलाई 18 -- धान की रोपाई के लिए आषाढ़ का महीना सबसे मुफीद माना जाता है, लेकिन इस बार कड़ा ब्लॉक क्षेत्र के अन्नदाता दोहरी समस्या से जूझ रहे हैं। एक ओर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी का संकट बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर खेतों में धान की रोपाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इससे समय पर रोपाई पूरी करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का यही सबसे उपयुक्त समय है। मजदूरों की भारी कमी के कारण खेत खाली पड़े हैं। कई किसानों ने बताया कि बिहार एवं झारखंड से आने वाले मजदूर पहले से ही 10-10 दिन का अग्रिम भुगतान लेकर अन्य किसानों के यहां काम करने के लिए बुक हैं। यह भी पढ़ें- मानसून की बेरुखी से मुरझाई किसानों की उम्मीदें, खेतों में उड़ रही धूल ऐसे में तुरंत मजदूर मिलना लगभग असंभव हो गया है। हालात यह हैं कि क...