धान के बिचड़े खराब होने से टेंशन में हैं रघुनाथपुर के किसान
सीवान, जून 24 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। जिले के बांगर और दियारा दोनों क्षेत्र के किसानों को हमेशा प्राकृतिक आपदा से लड़ने की एक आदत सी बन गई है किसान कभी सुखाड़, कभी आंधी-तुफान तो कभी बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदा को हर साल झेलते आ रहे हैं। विगत दो साल से मौसम की बेरूखी और बेमौसम बारिश के साथ-साथ समय पर बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसल खासकर धान की फसल पर संकट गहराता जा रहा है। यह भी पढ़ें- बारिश को लेकर उदासीन हो गए हैं किसान, खेती के प्रति बढ़ी चिंताकिसानों की चिंता लगातार पड़ रही गर्मी की वजह से किसान धान का बिचड़ा जून के दूसरे-तीसरे सप्ताह में डालना शुरू किए। किसान मानसून के इंतजार में ही हताश होकर महंगी दरों पर पंपसेट के सहारे बिचड़ा गिराने को मजबूर हुए। लेकिन, भीषण गर्मी की वजह से अंकुरित बीज 40 से 50 प्रतिशत तक खराब हो गए। बीज के अंकुर ही ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.