पाकुड़, जुलाई 1 -- इस वर्ष विगत जून महीने में अन्य वर्षों की तुलना में समय पर मानसून के आ जाने से किसानों में खरीफ फसल के तहत धान की खेती को लेकर एक अलग ही उत्साह जगा था। यह भी पढ़ें- टास्क पर खबर::: मानसून की सुस्त रफ्तार से खरीफ खेती पर संकट, किसानों को वैकल्पिक फसलों की सलाहकिसानों की चिंता लेकिन विगत जून माह में मानसून के रूठने की वजह से मनोनुकूल बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं। बताते चलें कि किसानों ने विगत जून माह में मानसून की हुई कुछ दिनों की बारिश में अपने-अपने खेतों के एक भाग में धान के बिचड़े तैयार कर लिए हैं। अब किसानों को मानसून की भरपूर बारिश का इंतजार है। ताकि वे खेतों में हल या ट्रैक्टर चलाकर धान के बिचड़े की बुआई करने के लिए खेतों को तैयार कर सके। उल्लेखनीय है कि महेशपुर प्रखंड कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां की कुल आबादी...