बगहा, अप्रैल 11 -- नीरज कुमार बेतिया/बगहा, नगर प्रतिनिधि। जिले के धान उत्पादक किसान मौसम और महंगाई की दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर धान के लिए उचित बाजार उपलब्ध नहीं है, तो दूसरी ओर खरीफ सीजन में मौसम कहर बनकर किसानों पर टूट रहा है। ऊपर से खाद की किल्लत व ऊंची कीमत किसानों की कमर तोड़ दी है। समय पर बारिश नहीं होने से महंगा सिंचाई धान की खेती की लागत बढ़ा रही है। फसल तैयार होने पर आंधी-पानी से उन्हें बर्बाद कर देती है। इससे बचाकर किसी तरह फसल तैयार करते हैं तो समय पर पैक्सों में धान की खरीदारी नहीं की जाती है। ऐसे में अगली फसल के लिए उन्हें रकम की जरूरत पड़ने पर वे औने-पौने में फसल बेच देते हैं। इससे बचौलियों व आढ़तियों को फायदा होता है। इस कारण धान के कटोरे में अब खेती का रकबा कम होते जा रहा है।किसान पप्पू गुप्ता, छोटे श्रीवास्तव, शैलेश कु...