अररिया, मई 8 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि जिले में गेहूं की फसल तैयार हो गया है। मक्का की फसल तैयार हो रहे हैं। किसानों के खेत खाली हो रहा है। जून के अंतिम दिनों में धान की रोपनी शुरु हो जाएगी। धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल में से एक है। ऐसे में किसान मिट्टी की उर्वरा क्षमता बढ़ाने के लिए अगर कुछ जरुरी उपाय कर लें तो धान में आने वाली लागत को कम कर ज्यादा उत्पादन किया जा सकता है। बीएओ दीपेश साह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के के ज्यादा इस्तमाल करने से मृदा स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम होती जा रही है। इसके साथ ही पीएच का स्तर भी गड़बड़ा रहा है, लेकिन किसान अगर इन खाली खेतों में कुछ उपाय कर लें तो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को चार गुणा तक बढ़ा जा सकता है। इसके लिए किसान फसल काटने के बाद अप्रैल मई के...