धान की फसल में लग रहे झौंका रोग ने बढ़ाई किसानों की चिंता
विकासनगर, अगस्त 16 -- देहरादून की बासमती अपने अनोखे स्वाद के लिए भारत में ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है, लेकिन इस बार धान की फसल में झौंका रोग लगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो देहरादून जिले में लगभग 7.5 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर बासमती और गैर-बासमती धान खेती की जाती है। बासमती धान सुगंध और आमदनी दोनों में लाजवाब है। बासमती धान की किस्में जैसे पुसा बासमती-1, 1121, 1509, 1637, 1728, 1847, तरावडी, कस्तूरी, टाईप 3, पन्त बासमती 1, खूब लोकप्रिय हैं। समय पर रोपाई, पोषक तत्वों और कीट-रोग के प्रबंधन से अच्छी उपज मिलती है। बासमती धान का निर्यात भारत के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा जरिया भी है। लेकिन धान की फसल इन दिनों ब्लास्ट रोग की चपेट में है, जो पाइरिकुलेरिया ओराइजी नामक कवक से होता है। कृषि वैज्ञानिकों के...
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