सोनभद्र, सितम्बर 24 -- सोनभद्र, संवाददाता। धान की फसल में इस समय कीट एवं रोगों के प्रकोप की आशंका को देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने किसानों को नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि फसल में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देते ही अनुशंसित नियंत्रण उपाय अपनाकर नुकसान से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि तना बेधक के नियंत्रण के लिए प्रति हेक्टेयर पांच फेरोमोन ट्रैप लगाए जाएं। इसके अलावा विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों में से किसी एक का निर्धारित मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है। हरा, भूरा और सफेद फुदका दिखाई देने पर भी अनुशंसित कीटनाशक का 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। शीथ ब्लाइट, झोंका रोग और भूरा धब्बा रोग के नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम, थायोफिनेट मिथाइ...