धान का बिचड़ा गिराने को आसमान निहार रहे किसान
गिरडीह, जून 20 -- गिरिडीह। जून के 20 दिन बीत जाने के बाद भी गिरिडीह जिले में मॉनसून की बेरुखी से किसान बेहाल हैं। धान की खेती के लिए जरूरी बिचड़ा गिराने को किसान आसमान निहार रहे हैं, लेकिन बारिश न होने से खेतों में बिचड़ा का आच्छादन अब तक शून्य है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 88 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। इसके लिए लगभग 8800 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा डाला जाता है। परंपरा के मुताबिक, किसान रोहिणी नक्षत्र से ही बिचड़ा गिराने की तैयारी शुरू कर देते हैं और जून के पहले-दूसरे सप्ताह तक खेतों में बिचड़ा नजर आने लगता है। इस बार स्थिति उलटी है。 यह भी पढ़ें- भीषण गर्मी के कारण धान के बिचड़े डालने में हो रही देरीसामान्य से काफी कम हुई बारिश जून महीने में जिले का सामान्य वर्षापात 144.2 मिमी है, लेकिन 19 जून तक मात्र ...
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