धर्म से दूरी ही क्रोध की शुरुआत : रामप्रपन्नाचार्य
आगरा, जून 5 -- पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी, मऊ रोड, खंदारी बायपास चौराहा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पांचवें दिन कथा व्यास रामप्रपन्नाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। रामप्रपन्नाचार्य ने कहा कि धर्म से दूर होने पर ही मनुष्य में क्रोध उत्पन्न होता है। धर्म मन को संयम, धैर्य और क्षमा का संस्कार देता है, जबकि अहंकार और असंतोष क्रोध को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकता की दौड़ ने रिश्तों में दूरी बढ़ा दी है। समाज को प्रेम, संस्कार और धर्म के सूत्र में पुनः जोड़ने की आवश्यकता है। यह भी पढ़ें- सब विकासों का मूल है प्रभु की कथा: रामप्रपन्नाचार्य महाराज कथा में बालकृष्ण की माखन चोरी, ग्वाल...
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