बलरामपुर, फरवरी 17 -- उतरौला, संवाददाता। आर्य समाज उतरौला के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर धर्म रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न आर्य विद्वानों ने वैदिक धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। पश्चिम बंगाल से आए विद्वान डॉ. ब्रह्मदत्त ने कहा कि आर्य समाज केवल एक संस्था नहीं, बल्कि वैदिक जीवन मूल्यों पर आधारित आदर्श समाज निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वेद ईश्वरीय ज्ञान है और जीवन के प्रत्येक पहलू का समाधान वेदों में निहित है। समाज और राष्ट्र की उन्नति धर्म एवं नैतिक मूल्यों के पालन से ही संभव है। भजनोपदेशक रमेश चंद्र स्नेही ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, नैतिकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर बल दिया। कार्यक्रम में महेश आर्य, ...