धर्म को सारथी बनाकर ही पाया जा सकता है मोक्ष : बाबा फुलसंदे
बदायूं, जून 24 -- शहर में एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वालों के दो दिवसीय सत्संग का शुभारंभ हुआ। सत्संग का शुभारंभ ईश प्रार्थना के साथ किया गया। इसके बाद सत्संग में आए आगंतुकों ने माल्यार्पण कर बाबा का स्वागत सम्मान किया। मंगलवार को शहर के राजमहल गार्डन में दो दिवसीय सत्संग के पहले दिन सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले कहते हैं यह मनुष्य का शरीर पाप और पुण्य का रथ है जिस पर ज्योति स्वरूप यह आत्मा सवार है जिस मनुष्य ने धर्म को अपना सारथी बनाया वो ही भवसागर से पार हुआ है। शुभ कर्मों को पुण्य कर्मों को जिस व्यक्ति ने अपना हमसफर बनाया वही परमात्मा के द्वार पर पहुंचे हैं जो सतगुरु की सीख को मानते हैं उनको कभी दुखों की प्राप्ति नहीं होती जो मनुष्य निराकार परमात्मा के नाम को जपता रहता है उसकी आत्मा का चांदना और प्रकाश बढ़ता...
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