धर्म का संविधान है रामचरितमानस : रामदिनेशाचार्य
प्रयागराज, जुलाई 19 -- झूंसी। देवरहा बाबा आश्रम में श्री रोगहरण हनुमान वार्षिकोत्सव के अंतर्गत चल रही रघुनाथजी की कथा में रविवार को कथा व्यास रामदिनेशाचार्य ने कहा कि रामचरितमानस धर्म और मानवता का संविधान है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम जनकपुर की फुलवारी में बिना माली की अनुमति के फूल तक नहीं तोड़ते, जो उनके आदर्श चरित्र और मर्यादा का संदेश देता है। इस दौरान महंत रामदास, राधेश्याम दास, राघव दास, चंद्रशेखर तिवारी, पार्षद अनिल यादव, उमेश निषाद, जीवा पाठक, मुकेश पहलवान, मनोज जिगिना, पिंटू मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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