दिल्ली, जुलाई 25 -- 28 जून से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने 23 जलाई की देर रात या यों कहें कि 24 जुलाई के शुरुआती घंटों में अपना अनशन तोड़ दिया। उनके इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल आया कि जिस मांग को लेकर सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे, वो मांग तो पूरी नहीं हुई, फिर उन्होंने अनशन क्यों तोड़ दिया। इस मामले पर अब सोनम वांगचुक का बयान सामने आया है। सोनम वांगचुक ने अपनी प्राथमिकता बताते हुए अनशन तोड़ने की वजह बताई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले क्यों तोड़ दिया अनशन 24 जुलाई को केंद्र सरकार के दो मंत्री गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक का अनशन खत्म करवाया। वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद इस मामले पर बात करते हुए सोनम वांगचुक ने जवाब दिया है। सोनम वांगचुक का कहना है कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे स...