लखनऊ, मई 8 -- केजीएमयू में महिला डॉक्टर के यौनशोषण और धर्मांतरण मामले में आरोपी रेजीडेंट डॉक्टर रमीज उर्फ रमीजुद्दीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। यह कार्रवाई सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने की। उन्होंने अभियुक्त द्वारा किए गए कृत्य को गंभीर बताया। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार पांडे ने बताया कि पीड़िता पैथोलॉजी विभाग में शिक्षा प्राप्त कर रही थी। रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक भी वहीं काम करता था। रमीज ने पीड़िता से दोस्ती बढ़ाई। रमीज अविवाहित और खटीमा उत्तराखंड का रहने वाला है। उसका पैतृक आवास पीलीभीत में है। रमीज, महिला डॉक्टर को शादी का झांसा देकर बातचीत करने लगा। पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाएं और पीड़िता भी आरोपी की बातों पर विश्वास करने लगी। शादी का आश्वासन के चलते आरोपी कई बार पीड़िता को अपने घंटाघर स्थित फ...