वाराणसी, जुलाई 29 -- सारनाथ (वाराणसी), संवाददाता। बौद्ध भिक्षुओं की बीते दस दिनों से चल रही धर्मचारिका यात्रा आषाढ़ पूर्णिमा पर बुधवार को संपन्न हो गई। पुरातात्विक उत्खनित स्थल परिसर स्थित धमेख स्तूप के पास इसका समापन हुआ। इस मौके पर यात्रा का नेतृत्व कर रहे धम्म शिक्षण केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष भिक्षु चंदिमा थेरो ने कहा कि बुद्ध का मध्यम मार्ग ही सर्वोत्तम है। यह यात्रा भगवान बुद्ध के विचारों को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगभग ढाई सौ बौद्ध भिक्षुओं ने निकाली थी। इस दौरान जगह-जगह रुक कर धम्म देशना (प्रवचन) के माध्यम से बुद्ध के उपदेशों का प्रचार किया गया। बुधवार को बरईपुर स्थित धम्म शिक्षण केंद्र से यात्रा धमेख स्तूप के समक्ष पहुंची। यह भी पढ़ें- बुद्ध के मध्यम मार्ग ही सर्वोपरि: केशव प्रसाद मौर्य वहां विश्व शांति के लिए पूजा की गई।...