सहारनपुर, मार्च 1 -- बेहट। रविवार को क्षेत्र के गांव अलीपुर भागूवाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने गोवर्धन लीला, कृष्ण विवाह और जरासंध वध के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा, कि भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं धर्म, प्रेम और नीति का संदेश देते है। उन्होंने कहा, कि श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा छोड़कर प्रकृति (गोवर्धन पर्वत) की पूजा करने को कहा। क्रोधित इंद्र ने मूसलाधार बारिश की, तब भगवान कृष्ण ने सात दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। रुक्मिणी विवाह प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया, कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी का हरण यह दर्शाता है, कि जब भक्त पूर्ण श्रद्धा से भगवान का स्मरण करता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए आते है। रुक्मिणी विवाह भक्ति और...