धर्म, कर्तव्य, प्रेम और त्याग का प्रतिबिंब है रामकथा
मुरादाबाद, मई 29 -- नया मुरादाबाद स्थित महाकालेश्वर धाम में चल रही राम चरित मानस में साध्वी पुष्पा रामायणी ने शुक्रवार को श्री राम के वनवास और सीता हरण का प्रसंग सुनाकर सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा यह कथा धर्म,कर्तव्य, प्रेम और त्याग का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा राजा दशरथ से रानी कैकेयी द्वारा अपने पुत्र भरत को राज्य और राम को 14 बरस का वनवास मांगा। पिता के वचनों का पालन करते हुए राम सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वन चले गए। उनका अधिकांश समय चित्रकूट और दंडकारण्य में बीता। वन वास के अंतिम चरण में रावण ने मामा मारीच की मदद से सीता का हरण कर लिया। यह भी पढ़ें- राम विवाह से खुशी तो सीता विदाई ने किया भावुक सीता का ले जाते समय जटायु ने देख लिया। उसने सीता को रोकने के लिए रावण से युद्ध किया। रावण ने तलवार से उनके पंख काट दिये और वह नीचे गिर...
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