मुरादाबाद, जून 18 -- काली माता मंदिर लाल बाग में दूसरे दिन भी श्रीमद् भगावत कथा जारी रही। कथा व्यास नित्यानंद आचार्य ने कथा का आरंभ हरे कृष्णा हरे कृष्णा...महामंत्र से किया। उन्होंने भजन के साथ कथा को गति दी। कथा व्यास ने कथा आरंभ करते हुए बताया कि नेमिशरण में सोनत आदि 88 हजार ऋषिओं ने सूत जी से छह सवाल किये। उन्होंने पूछा मानव का परम धर्म क्या है। हमारे अनेकों देवी देवता हैं हमें किस की पूजा करनी चाहिए। भगवान के कितने अवतार हैं। उन्होंने सभी सवालों का मनोहारी एवं तर्क संगत जवाब दिया। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण के धरा से जाने के बाद वह भागवत में समायोजित हो गए। यह भी पढ़ें- धरा छोड़ जाते समय भागवत में समा गए थे श्री कृष्ण इसीलिए श्रीमद् भागवत को श्री कृष्ण का साक्षात स्वरूप माना जाता है। सानिध्य अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत ना...