मुंगेर, नवम्बर 24 -- धरहरा,एक संवाददाता। नक्सल प्रभावित धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल सही नहीं है। सामुदायिक केंद्र को खुद इलाज की जरूरत है। यहां पर एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक व महिला डाक्टर नहीं रहने के कारण महिला मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 53 वर्ष पुराने धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुदूर दूर-दराज से लोग इलाज कराने पहुंचते है। अस्पताल में जरूरी संसाधन की कमी के कारण मरीजों को जिला मुख्यालय या दूसरे शहर जाना पड़ता है। अस्पताल की आपातकालीन विभाग की स्थिति भी काफी बदहाल है। बड़ी संख्या में चिकित्सकों का पद खाली होने के कारण मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी एएनएम और जीएनएम के कंधों पर है।
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