सहारनपुर, जून 11 -- तीतरों। शामली-अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजे की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन करने वाले किसानों ने अपने पुराने धरना स्थल के निकट विश्राम स्थल तैयार किया है। किसानों का कहना है कि यह स्थान उनके संघर्ष की याद को जीवित रखेगा। गांव बालू, कलसी, फतेहचंदपुर और रामरायखेड़ी के किसान मुआवजे की मांग को लेकर 397 दिनों तक धरने पर बैठे रहे थे। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल रही थीं। हालांकि किसानों की मांग पूरी नहीं हो सकी और करीब एक वर्ष पहले प्रशासन ने धरना समाप्त करा दिया था। धरना हटने के एक साल बाद किसानों ने उसी स्थान के समीप टीनशेड लगाकर विश्राम स्थल बनाया है। यह भी पढ़ें- धरना स्थल के पास किसानों ने बनाया संघर्ष स्मारक बुजुर्ग किसान इलम सिंह ने उद्घाटन करते हुए कहा कि यह स्थल ...