किशनगंज, अप्रैल 16 -- पोठिया। पोठिया प्रखंड क्षेत्र के किसानों को खेती से उत्पादन के बाद फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाने की समस्या लगातार गहराती जा रही है। वर्तमान में सरकारी स्तर पर केवल धान की खरीद पैक्स के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर की जाती है, जबकि अन्य प्रमुख फसलें जैसे दलहन, तिलहन, मक्का, गेहूं आदि के लिए ऐसी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। इस वजह से किसानों को अपनी उपजाई फसलों को स्थानीय हाट-बाजारों या बिचौलियों के माध्यम से बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई किसान अपनी फसल लेकर पश्चिम बंगाल के सोनापुर, इस्लामपुर और पंजीपाड़ा जैसी मंडियों तक जाते हैं, जहां उन्हें अक्सर उचित मूल्य नहीं मिल पाता। यह भी पढ़ें- फसल उगाने से ज्यादा उपज बेचने में पिस रहे नालंदा के किसान परिवहन खर्च और समय की बर्बादी अलग से झेलनी पड़ती है। किसानों...