धरती का वंदन करें, वरना नहीं रहेगा जीवन का आधार
फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 21 -- कायमगंज, संवाददाता। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय प्रगतिशील फोरम की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर रामबाबू मिश्र रत्नेश ने दो टूक कहा कि भौतिकवाद की अंधी दौड़ में हमने धरती को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। हिमनद पिघल रहे, पर्वत दरक रहे। प्रोफेसर रत्नेश ने चेताया कि निरंतर पिघलते हिमनद, वनों की कटान, पर्वतों पर डायनामाइट के धमाके और जहरीली गैसों का उत्सर्जन जलवायु के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ रहा है। उन्होंने कहा भूजल का बेजा दोहन और आणविक परीक्षणों के कारण ओजोन परत का विस्तार और दक्षिणी ध्रुव पर बढ़ता तापमान भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।पूर्व यह भी पढ़ें- पेड़-पौधों, जल स्रोतों का करना होगा संरक्षण : ड...
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