बदायूं, दिसम्बर 23 -- बिल्सी। क्षेत्र के गांव गड़रपुरा में आयोजित सात दिवसीय बुद्ध कथा के चौथे दिन कथावाचक राजेश्वरी बौद्ध ने भगवान बुद्ध के धम्म चक्र प्रवर्तन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने सारनाथ में प्रथम उपदेश देकर संसार को दुख से मुक्ति का मार्ग दिखाया। बुद्ध का धम्म केवल धर्म नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली करुणा, अहिंसा और सम्यक आचरण की शिक्षा है। राजेश्वरी बौद्ध ने कहा कि धम्म चक्र प्रवर्तन का अर्थ है ज्ञान का प्रचार और अज्ञान का नाश। इस मौके पर हरवीर शाक्य, चन्द्रपाल, किशन पाल, मोहनलाल, हरविलास, पानसिंह, सुनील कुमार, श्यामवीर, रामवीर, शिशुपाल आदि मौजूद रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...