हल्द्वानी, मार्च 31 -- हल्द्वानी। 'लोग कह रहे हैं कि युद्ध रुक गया लेकिन यहां तो नींद ही गायब हो चुकी है। सुबह चार से सात बजे के बीच हो रहे हमले बेहद डरावने हैं। पिछले करीब एक महीने से यहां जो मंजर देख रहा हूं, उसने सुकून छीन लिया है।' यह कहना है कि उत्तराखंड के चम्पावत निवासी नवीन बोरा का जो अबूधाबी के एक लग्जरी शोरूम में काम करते हैं। 'हिन्दुस्तान' से बात करते हुए नवीन ने बताया कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का गहरा असर सीधे तौर पर अबूधाबी में महसूस किया जा रहा है। जब दुनिया जागने वाली होती है, तब हम धमाकों की गूंज से सहम जाते हैं। आसमान में मिसाइलों के गुजरने की आवाजें और फिर इंटरसेप्शन के बाद होने वाले विस्फोट इतने भीषण होते हैं कि हमारी बहुमंजिला रिहायशी इमारतें तक हिलने लगती हैं। दुबई से महज 50 किमी दूर स्थित इस शहर के ...