अहमदाबाद, जुलाई 31 -- भारतीय रेलवे की स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत शुक्रवार को सिर्फ यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि एक इंसान की थमती सांसों को नई जिंदगी देने के लिए पूरी रफ्तार से दौड़ी। ऐसा पहली बार हुआ जब ट्रेन का इस्तेमाल मानव अंग (हृदय) के प्रत्यारोपण के लिए मंजिल तक पहुंचाने के लिए किया गया। देश में पहली बार ट्रेन धड़कते दिल को लेकर पटरियों पर दौड़ी और उसे सुरक्षित तथा निर्धारित समय में एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाकर इतिहास रच दिया। रेलवे ने यह उपलब्धि गुजरात में सूरत से अहमदाबाद तक दिल को पहुंचाकर हासिल की। रेलवे जीवन रक्षक मिशन के तहत मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20901) के जरिये दिल को सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया, जहां के यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च ...