देवघर, मार्च 24 -- सारठ। प्रखंड के बलथरा गांव में हो रहे शिवशक्ति महायज्ञ के चौथे दिन कथावाचक शिवनारायण झा ने भक्त ध्रुव की कथा को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में दृढ़ संकल्प व आत्म विश्वास से ही सफलता मिल सकती है। इसलिए ईश्वर की प्राप्ति के लिए हमें भक्त ध्रुव की तरह दृढ़ संकल्प और विश्वास के साथ भगवान की भक्ति में लीन हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराज मनु एवं शतरूपा के पुत्र राजा उत्तानपाद के दूसरी पत्नी के पुत्र ध्रुव को उनके सौतली मां के द्वारा कटु वचन बोलकर अपमानित किया गया। जिसके बाद उन्होंने अपनी माता सुरुचि की आज्ञा पाकर भगवान का तपस्या करने चले गया। जिसके बाद महर्षि नारद के निर्देशानुसार नियमानुसार अपने इंद्रियों को वश करते हुए पूर्ण निष्ठा से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय द्वादश अक्षर का मंत्र जाप कर भगवान को ...