काशीपुर, जनवरी 22 -- काशीपुर, संवाददाता। काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) की पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा द्रोणासागर में स्थित उपेक्षित एवं जंगल भूमि को धनुर्विद्या प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन को एक ज्ञापन सौंपा। केडीएफ अध्यक्ष राजीव घई ने बताया कि द्रोणासागर क्षेत्र ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह महर्षि द्रोणाचार्य की धनुर्विद्या से जुड़ा हुआ माना जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र का एक बड़ा भाग उपेक्षा के कारण जंगलनुमा हो चुका है। संस्था द्वारा वर्तमान में लगभग 50 बच्चों को धनुर्विद्या का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन मानक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक 60 मीटर की दूरी उपलब्ध न होने के कारण बच्चों का समुचित एवं वैज्ञा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.