लखनऊ, अप्रैल 16 -- भीषण अग्निकांड में कई झोपड़ियों और गृहस्थी के साथ कई लोगों के सपने भी जल कर राख हो गए। सीतापुर की रहने वाली सुनीता की बहन मनीषा की शादी 29 अप्रैल को होनी थी। दहेज के लिए बेड व अन्य सामान सब झोपड़ी में रखा था। वह सब जलकर राख हो गया। बहन के दहेज का सामान और रुपये आदि सब जलने से सुनीता और मनीषा फूट-फूटकर रो रही थी कि अब शादी कैसे होगी? यह समस्या सुनीता की ही अकेले नहीं थी। कई अन्य परिवारों में भी शादी का आयोजन था। उनकी भी गृहस्थी और शादी के लिए इकट्ठा गए रुपयों के साथ ही सामान भी जल गया। यह भी पढ़ें- लखनऊ के विकासनगर में भीषण आग, पूरी बस्ती स्वाहा, छह बच्चे लापता महमूदाबाद के रहने वाले करन अहमदाबाद में नौकरी करते हैं। करन ने बताया कि वह चार दिन पहले वहां से लौटे थे। मंगलवार को बेटे अर्जुन का जन्मदिन था। बहुत धूमधाम से जन्म...