मुजफ्फरपुर, मार्च 6 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। जिले में मनरेगा (अब वीबी जी रामजी) से स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने की योजना अधिकारियों की लापरवाही से सिरे नहीं चढ़ पा रही है। दो वर्षों में एक भी मजदूर को एक सौ से अधिक दिन काम नहीं दिया जा सका है। वहीं तीन वर्षों में 80 से 100 दिन तक काम पाने वाले मजदूरों की संख्या में कमी आती जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान एक भी मजदूर को 100 दिन से अधिक काम नहीं मिला है। जबकि काम पाने के लिए आवेदन करने के बावजूद 35 हजार से अधिक मजदूरों को काम नहीं दिया जा सका है। आंकड़े बताते हैं कि तीन वर्षों में 4.5 लाख नए जॉब कार्ड बनाए गए, लेकिन काम देने के मामले में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) से जुड़ा मनरेगा प्रकोष्ठ फिसड्डी रहा है।वर्ष 2023-24 में मनरेगा ...