अलीगढ़, नवम्बर 3 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन को देव दिवाली रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि देवोत्थान एकादशी पर देव उठ जाते हैं और इसके बाद वे पूर्णिमा के दिन गंगा तट पर दिवाली मनाते हैं। बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी। इसी लिए इस दिन गंगा स्नान का महत्व बढ़ जाता है। खास बात ये है कि इस बार की कार्तिक पूर्णिमा दो शुभ योगों के साथ आ रही है, जो विशेष फलदायी होंगे। पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि इस साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन करीब 100 साल के बाद अद्भुत संयोग बनने जा रहे हैं। इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, भरणी और अश्विनी नक्षत्र का संयोग है, जो अत्यंत शुभ होता है। इससे जातक को अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होगी और हरी और हर दोनों की कृपा बरसने वाली है।...