चतरा, अगस्त 31 -- कुंदा, प्रतिनिधि। कुंदा प्रखंड के बौधाडीह उच्च विद्यालय की बदहाली सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल रही है। जर्जर भवन में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अभियान यहां खोखला साबित हो रहा है। अभिवावको व बच्चों ने बताया कि क्लास के दौरान छत से लगातार गिट्टी गिरती रहती है। बारिश में पूरे कमरे में पानी टपकता है। डर के साए में पढ़ाई करनी पड़ती है। हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। हैरानी की बात यह है कि नौवीं और दसवीं तक के इस उच्च विद्यालय में सिर्फ दो शिक्षक पदस्थापित हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों को कितनी पढ़ाई मिल पाती होगी। शिक्षकों की कमी का सीधा असर रिजल्ट पर पड़ा है। इस साल मैट्रिक परीक्षा में 18 बच्चे फेल हो गए। विद्यालय की बदहाली पर अभिभावकों और जनप्रतिनिधिय...