मधुबनी, मार्च 13 -- मधुबनी, निज संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सख्ती बढ़ने जा रही है, जिसका असर जिले के लगभग एक सौ शिक्षकों पर भी पड़ने की संभावना है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षक, जिनकी नियुक्ति आरटीई लागू होने से पहले हुई है और जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में शिक्षक टीईटी पास नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। हालांकि ऐसे शिक्षकों को नियमों के अनुसार सेवा से जुड़े लाभ दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा जुलाई और अगस्त में पात्रता परीक्षा आयोजित ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.