प्रयागराज, जून 15 -- प्रयागराज। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में उभरते हॉकी खिलाड़ी दो महीने से बिना प्रशिक्षक के अभ्यास कर रहे हैं। हॉकी प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ी निराश हैं। और कुछ दिन प्रशिक्षक नहीं आते हैं तो स्टेडियम के हॉकी खिलाड़ी प्राइवेट कोचिंग सेंटरों की ओर रुख कर सकते हैं।

प्रशिक्षक की कमी खेल निदेशालय ने 2026-27 सत्र के लिए तदर्थ प्रशिक्षकों का सेवा विस्तार दिया। पूर्व में कार्यरत सभी प्रशिक्षकों का सेवा विस्तार हो गया, लेकिन स्टेडियम के हॉकी प्रशिक्षक को चालू सत्र में मौका नहीं दिया गया। नए प्रशिक्षक की तैनाती भी नहीं की गई। खिलाड़ी आते हैं और बिना प्रशिक्षक के अभ्यास कर लौट जाते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि हॉकी जैसे खेल में प्रशिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। बिना प्रशिक्षक के लंबे समय तक अभ्यास करना संभव नहीं है...