दो बार फेल, नौकरी छोड़ी, समाज के ताने सुने. मयंक ने 5वें प्रयास में UPSC में मारी बाजी
नई दिल्ली, मई 16 -- mayank purohit upsc success story : राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके फलोदी में सपने अक्सर धीरे-धीरे आकार लेते हैं। हाल ही में जोधपुर से अलग होकर जिला बने इस छोटे शहर से निकले मयंक पुरोहित का सफर भी कुछ ऐसा ही रहा। साधारण परिवार, सीमित संसाधन और लंबा संघर्ष, लेकिन इरादे इतने मजबूत कि हर असफलता के बाद फिर खड़े हो गए। मयंक का परिवार आज भी उसी सादगी से जुड़ा हुआ है। घर में दादा-दादी, माता-पिता, छोटा भाई और अब उनकी पत्नी भी हैं। खास बात यह रही कि शादी के कुछ समय बाद ही उनका सबसे बड़ा प्रयास सफल होता दिखा। उन्होंने यूपीएससी में 33वीं रैंक हासिल की। जब उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या पत्नी उनके लिए लकी साबित हुईं, तो वे मुस्कुराकर बोले, "हां, ऐसा कह सकते हैं।" आइए जानते हैं मयंक के यूपीएससी के सफर के बारे में.फलोदी से जोधपुर और फि...
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