किशनगंज, फरवरी 26 -- किशनगंज। संवाददाता जन्मजात बीमारियों और शारीरिक विकृतियों से जूझ रहे बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर तबके के लिए जीवन बदलने वाली पहल बन चुका है। यह कार्यक्रम बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में ही जांच कर गंभीर बीमारियों की पहचान करता है और उन्हें महंगे इलाज के बोझ से मुक्त करते हुए नि:शुल्क विशेषज्ञ उपचार तक पहुंचाता है। गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए, जहां इलाज की लागत अक्सर असंभव हो जाती है, वहीं आरबीएसके ने यह साबित किया है कि सही समय पर पहचान और सरकारी सहयोग से बच्चा विकलांगता से बचकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकता है। इसी कड़ी में बुधवार को क्लबफुट से पीड़ित दो बच्चों रफिया नाज़ और सिदर फातमी को सदर अस्पताल किशनगंज से नि:शुल्क इलाज के लिए जवाहरलाल नेह...